Monday, December 9, 2013

आज का दिन में बहुत ही शाही अंदाज़ में गुज़ारासारा दिन सोता रहा , उठा और कपड़े धोये फिर एक दोस्त ने फ़ोन किया उसके साथ बाहर खाना खाया........और अब अपनी बातें लिख रहा हूँमुझे फारसी भाषा सीखने का बहुत शौक हैइसकी शुरुवात कैसे हुई इस की कोई कहानी नहीं हैइस से पहले मुझे उर्दू सीखने का चस्का लगा, बहुत कोशिश की लेकिन उतनी रवानी नहीं सकीफिर मैंने इरान संस्कृति भवन में अपना नाम फारसी सीखने के लिए लिखवाया .

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