आज का दिन में बहुत ही शाही अंदाज़ में गुज़ारा। सारा दिन सोता रहा , उठा और कपड़े धोये फिर एक दोस्त ने फ़ोन किया उसके साथ बाहर खाना खाया........और अब अपनी बातें लिख रहा हूँ। मुझे फारसी भाषा सीखने का बहुत शौक है। इसकी शुरुवात कैसे हुई इस की कोई कहानी नहीं है। इस से पहले मुझे उर्दू सीखने का चस्का लगा, बहुत कोशिश की लेकिन उतनी रवानी नहीं आ सकी। फिर मैंने इरान संस्कृति भवन में अपना नाम फारसी सीखने के लिए लिखवाया .
Monday, December 9, 2013
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