Monday, October 5, 2009

आचार्य मैडम

आज मैं यह सोचता हूँ की वह कौन से teacher हैं जिन्होंने मेरे स्कूल लाइफ को बेहतरीन बनाया तो मुझे ख्याल आचार्य मैडम का आता है ..... वो बहुत ही मिलन सार और बहुत ही प्यारी थी मुझे बहुत मानती थी.....वह हमें हिस्ट्री पढाती थीं। और शायद में जो कुछ भी सोशल साइंस में जानता समझता हूँ वह भी उन्ही दिनों की बदौलत है, जब उन्होंने मेरे बालमन में जिज्ञासा के बीज बोए थे। उनकी एक बात मुझे अक्सर याद आती है जब में स्कूल में होने वाले सारे प्रतियोगिताओं में असफल हो रहा था और थोड़ा मायूस और उदास रहता था ...तो मैडम ने समझाया था की सब दिन एक जैसे नहीं होते रात के बाद दिन ज़रूर होता है इस लिए निराश होने की कोई ज़रूरत नहीं है और अपने काम में लगे रहो......
अपनी शादी के बाद वह हमसे मिलने भी आई थी और इतने सालों बाद मुझे पहचना और अपने माथे से मेरे माथा लगाकर मुझे आशीर्वाद भी दिया..........
में आचार्य मैडम को सदा याद रखूंगा । अगर कहीं से उनसे सम्पर्क हो जाए तो मुझे बहुत खुशी होगी ।

5 comments:

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

sweet memories of a loving teacher,accha laga aapke vichar jaan kar .
welcome to this blog duniya .likhte rahiye ,enjoy our company.
Dr.Bhoopendra

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

---- चुटकी----

करवा चौथ का
रखा व्रत,
कई सौ रूपये
कर दिए खर्च,
श्रृंगार में
उलझी रही,
घर से भूखा
चला गया मर्द।

Anonymous said...

Balihari guru apane.....GUru ka shrey kabhi kam n hoga.

शशांक शुक्ला said...

हमें समय समय पर ऐसे ही गुरु मिलते रहते है, बस ज़रुरत है उन्हे पहचानने की, और उनके बातों पर अमल करने की,

Chandan Kumar Jha said...

आपको पढ़कर अच्छा लगा । लिखते रहे ।