आज मैं यह सोचता हूँ की वह कौन से teacher हैं जिन्होंने मेरे स्कूल लाइफ को बेहतरीन बनाया तो मुझे ख्याल आचार्य मैडम का आता है ..... वो बहुत ही मिलन सार और बहुत ही प्यारी थी मुझे बहुत मानती थी.....वह हमें हिस्ट्री पढाती थीं। और शायद में जो कुछ भी सोशल साइंस में जानता समझता हूँ वह भी उन्ही दिनों की बदौलत है, जब उन्होंने मेरे बालमन में जिज्ञासा के बीज बोए थे। उनकी एक बात मुझे अक्सर याद आती है जब में स्कूल में होने वाले सारे प्रतियोगिताओं में असफल हो रहा था और थोड़ा मायूस और उदास रहता था ...तो मैडम ने समझाया था की सब दिन एक जैसे नहीं होते रात के बाद दिन ज़रूर होता है इस लिए निराश होने की कोई ज़रूरत नहीं है और अपने काम में लगे रहो......
अपनी शादी के बाद वह हमसे मिलने भी आई थी और इतने सालों बाद मुझे पहचना और अपने माथे से मेरे माथा लगाकर मुझे आशीर्वाद भी दिया..........
में आचार्य मैडम को सदा याद रखूंगा । अगर कहीं से उनसे सम्पर्क हो जाए तो मुझे बहुत खुशी होगी ।
Monday, October 5, 2009
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